

कटनी
नगर निगम की राजस्व सेवाओं को पारदर्शी, तेज और नागरिक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन नामांतरण व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सतत मॉनिटरिंग और समय-सीमा में निराकरण के निर्देशों के फलस्वरूप राजस्व शाखा की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।जुलाई में 51% अधिक प्रकरणों का निराकरण निगमायुक्त के निर्देशों के बाद माह जुलाई 2026 में कुल 162 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया गया है। यह आंकड़ा विगत माहों की तुलना में लगभग 51 प्रतिशत अधिक है। ऑनलाइन प्रविष्टि और समयबद्ध प्रक्रिया से फाइलों के लंबित रहने की समस्या कम हुई है और नागरिकों को त्वरित राहत मिल रही है।चार माह में 476 प्रकरणों का निपटारा राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से 30 जुलाई 2026 तक निगम कार्यालय में कुल 479 नवीन नामांतरण के प्रकरण प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त पिछले वित्तीय वर्ष के 155 प्रकरण भी लंबित थे। इस प्रकार कुल 634 प्रकरणों में से अब तक 476 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष 158 प्रकरणों को ऑनलाइन दर्ज कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण की कार्यवाही प्रचलित है।
पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को मिली प्राथमिकता
निगमायुक्त सुश्री परिहार ने इस उपलब्धि के बाद व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निगम कार्यालय में प्राप्त होने वाले प्रत्येक नामांतरण आवेदन की अनिवार्य ऑनलाइन प्रविष्टि की जाए और निर्धारित समय-सीमा में उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।ऑनलाइन प्रणाली से न केवल प्रक्रियाएं सरल हुई हैं, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप और बिचौलियों की भूमिका भी कम हुई है। आवेदक अब घर बैठे अपने प्रकरण की स्थिति देख सकते हैं।नागरिक-अनुकूल शासन की दिशा में बड़ा कदम निगमायुक्त ने कहा कि निगम का लक्ष्य है कि नागरिकों को बिना परेशानी, बिना देरी के बुनियादी सेवाएं उपलब्ध हों। नामांतरण जैसी सेवा का समय पर निराकरण होने से निगम के राजस्व में वृद्धि होगी और उस राशि का उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जा सकेगा। निगम प्रशासन का यह प्रयास “सुशासन और पारदर्शिता” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लाभ सीधे आम नागरिकों को मिल ‾रहा है।
कटनी ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार शर्मा
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